दूसरों को पाने की ख्वाहिश में, हम इतने मसरूफ हो जाते है
दुनिया की इस भीड़ में साला हम खुद को ही भूल जाते है
दुनिया की इस भीड़ में साला हम खुद को ही भूल जाते है
कुछ उलझे से सावाल नज़र आते है, न दिन न रात बस खयाल नज़र आते है, हो तेरी हर बातो में जबाब मेरे सरे सवालो का, बस यही दिलो...
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