आसमान में रंग गुलाबी कोई घोल रहा है
बन कर परिंदा दिल आज डोल रहा है
उड़ते अरमानो के जकड़न अब खुलने लगे है
सायद दो दिल कहीं मिलने लगे है
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Sun kar pukar aye maa teri bachha aaj bhi muskata hai. Teri pawan nischal aanchal me Aaj bhi bachha shukh pata hai Kar ke dular tu aaj ...
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