मैंने पूछा मेरे साथ ऐसा क्यूं?
जबाब-अपनों के बीच मै सही और गुनहगार तुझे बनाया
तू बस एक मोहरा था जो मेरी दोहरी ज़िन्दगी के बहोत काम आया।
कुछ उलझे से सावाल नज़र आते है, न दिन न रात बस खयाल नज़र आते है, हो तेरी हर बातो में जबाब मेरे सरे सवालो का, बस यही दिलो...
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