बहोत इंतज़ार कर लिया तेरा,
सोच कर सायद तू मेरी है।
बस एक आग की जरूरत है
तुझे छोड़ कर जाने के लिए। ....
मेहमान था इस दुनिया में,
फिर भी आशियाना बसाने चला था
तुझे देख कर ख्वाहिश थी जगी
तुझे खो कर अब दुनिया से जाना पड़ा। ……
मोहलत मिली थी मुझे, तेरी आरज़ू बन जाने की।
चाहत भी हमने तुझसे ऐसा ही किया था
तेरी बेवफाई देख कर लगने लगा मुझे
खुदा को सायद मेरा प्यार गवारा न था। .......
सोच कर सायद तू मेरी है।
बस एक आग की जरूरत है
तुझे छोड़ कर जाने के लिए। ....
मेहमान था इस दुनिया में,
फिर भी आशियाना बसाने चला था
तुझे देख कर ख्वाहिश थी जगी
तुझे खो कर अब दुनिया से जाना पड़ा। ……
मोहलत मिली थी मुझे, तेरी आरज़ू बन जाने की।
चाहत भी हमने तुझसे ऐसा ही किया था
तेरी बेवफाई देख कर लगने लगा मुझे
खुदा को सायद मेरा प्यार गवारा न था। .......
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