ख्वाहिशे आज एक से हज़ार हो गयी है
चाहत के पैमाने हर रोज़ बदल रहे है
दुनिया की सोच बदली बदली हो गयी है
बदस्तूर इस दुनिया के दस्तूर बदल रहे है
कुछ उलझे से सावाल नज़र आते है, न दिन न रात बस खयाल नज़र आते है, हो तेरी हर बातो में जबाब मेरे सरे सवालो का, बस यही दिलो...
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