ख्वाहिशो ने अब अपना
घर सा बनाना छोड़ दिया है
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शायद उनसे नाराज़गी चल रही है
घर सा बनाना छोड़ दिया है
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शायद उनसे नाराज़गी चल रही है
कुछ उलझे से सावाल नज़र आते है, न दिन न रात बस खयाल नज़र आते है, हो तेरी हर बातो में जबाब मेरे सरे सवालो का, बस यही दिलो...
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