हमे मुश्कुराता देख लगा उनको
की हम उनके बिना जीना सीख गए
नफरत तो हमे आज भी है उनसे
बस उनके सामने जताना भूल गए
की हम उनके बिना जीना सीख गए
नफरत तो हमे आज भी है उनसे
बस उनके सामने जताना भूल गए
कुछ उलझे से सावाल नज़र आते है, न दिन न रात बस खयाल नज़र आते है, हो तेरी हर बातो में जबाब मेरे सरे सवालो का, बस यही दिलो...
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