शनिवार, 24 सितंबर 2016

एक रात है जो कंमबख्त सोने नहीं देती
..
..
.. .
.
.
. .
. .
.
और
एक दिन है जो सुलाने में तुली हुयी है 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कुछ उलझे से सावाल नज़र आते है, न दिन न रात बस खयाल नज़र आते है, हो तेरी हर बातो में जबाब मेरे सरे सवालो का, बस यही दिलो...