शुक्रवार, 11 सितंबर 2015

Dard

सिर्फ एक सवाल मुझे आज भी बुहत सताता  है..
जब वो तेरा कभी था ही नहीं तो वो तेरे ज़िन्दगी में आया ही क्यों??????????



हमारे प्यार की  इन्तहां इसी बात से दखो यारो
अब तो लफ्जो में ही नाम उनका आना भी दर्द ले आता है…………।




बेशक  अब हम महफ़िल में हस्ते पाए जाते है
एक गुनाह जो किया है बताते किस किस को




ज़माने से लड़कर खुद को वो हमारा कहती थी
वो भी खुदगर्ज निकली अब ज़माने के साथ मिल रही है.……………… 

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